अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट बढ़ाई, वैश्विक बाजार को राहत
अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच बड़ा कदम उठाते हुए रूस से तेल खरीद पर लगी पाबंदियों में दी गई छूट (waiver) को 16 मई तक बढ़ा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पहले अमेरिकी प्रशासन इस छूट को आगे नहीं बढ़ाने की बात कह चुका था, लेकिन बाद में स्थिति को देखते हुए यू-टर्न लेना पड़ा।
दरअसल, यह छूट उन देशों को राहत देती है जो पहले से जहाजों में लदा रूसी तेल खरीद रहे हैं। नए फैसले के तहत 17 अप्रैल तक लोड हो चुके तेल को बिना प्रतिबंध के खरीदा जा सकेगा, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहेगी।
इस निर्णय के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति में आई कमी के चलते तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। ऐसे में अमेरिका ने यह कदम उठाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की है।
इसका सीधा फायदा भारत जैसे देशों को मिलेगा, जो बड़ी मात्रा में रूसी तेल आयात करते हैं। इस छूट के चलते भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में राहत मिलेगी और अचानक सप्लाई रुकने का खतरा भी टल जाएगा।
हालांकि, इस फैसले को लेकर अमेरिका के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि इससे रूस को आर्थिक फायदा होगा और यूक्रेन युद्ध के दौरान उस पर दबाव कम पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, यह फैसला अमेरिका की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह एक ओर रूस पर दबाव बनाए रखना चाहता है, तो दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा संकट को भी नियंत्रण में रखना चाहता है।